Kisan Drone Yojana 2024 | किसान ड्रोन योजना आवेदन, 5 लाख की सब्सिडी, लाभ एवं पात्रता

Kisan Drone Yojana 2024 Online Registration | किसान ड्रोन योजना क्या है, सब्सिडी स्टेटस, लाभ, पात्रता, जरूरी दस्तावेज एवं आवेदन प्रक्रिया जाने – केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय को दोगुनी करने एवं उन्हें तकनीकी खेती से जोड़ने हेतु कई प्रकार के योजनाओं का सुचारु संचालन कर रही है। इसी दिशा में, भारत सरकार ने अब Kisan Drone Yojana नामक एक नयी योजना का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने पर सरकारी अनुदान उपलब्ध किया जायेगा। प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना 2024 के माध्यम से किसानों को उनके खेत में कीटनाशक एवं पोषक तत्वों का छिड़काव करने हेतु ड्रोन की खरीदारी पर उन्हें 50% अथवा अधिकतम 5 लाख रूपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। [यह भी पढ़ें- (रजिस्ट्रेशन) Pradhan Mantri Solar Panel Yojana: फ्री सोलर पैनल योजना आवेदन]

किसान ड्रोन योजना क्या है?

देश के कृषकों को तकनिकी खेती से जोड़ने की दिशा में एक अन्य महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत सरकार द्वारा Kisan Drone Yojana का आरंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है एवं ड्रोन के क्रय पर उन्हें अनुदान प्रदान किया जाता है। प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना के तहत विभिन्न वर्गों एवं क्षेत्रों के किसानों को ड्रोन के क्रय पर विभिन्न सब्सिडी उपलब्ध की जाती है। इस योजना के माध्यम से एससी-एसटी, छोटे एवं सीमांत, महिलाओं और पूर्वोत्तर राज्यों के कृषकों को 50% अथवा अधिकतम 5 लाख रुपए तक का अनुदान प्रदान किया जाता है। आपको बता दें कि शुरूआती दौर में केंद्रीय सरकार द्वारा किसान ड्रोन योजना के तहत देश के प्रत्येक गाँव में केवल एक कृषक तक ड्रोन पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था एवं बाद में सरकार द्वारा किसानों के व्यक्तिगत ड्रोन खरीदने पर अनुदान प्रदान करने के निर्णय के तौर पर परिवर्तित कर दिया गया था। [यह भी पढ़ें- E Shram Card Payment Status (न्यू लिंक) eshram.gov.in Balance Check, Payment Status][Read More]

किसान ड्रोन योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाएं

Overview of Kisan Drone Yojana

योजना का नामकिसान ड्रोन योजना
आरम्भ की गईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा
वर्ष2024
लाभार्थीदेश के सभी किसान
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन/ऑफलाइन
उद्देश्यकिसानों को कृषि ड्रोन खरीदने पर अनुदान प्रदान करना
लाभ50% अथवा अधिकतम 5 लाख रूपये तक की सब्सिडी
श्रेणीकेंद्र सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइट———————-

Kisan Drone Yojana 2024 का उद्देश्य 

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा आरंभ की गयी Kisan Drone Yojana का मुख्य उद्देश्य देश के कृषक भाइयों को कृषि ड्रोन खरीदने हेतु प्रेरित करना एवं ड्रोन की खरीद पर अनुदान प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने पर 50% अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इन ड्रोन के माध्यम से लाभार्थी किसान अपने खेतों में बड़े पैमाने पर खाद, पोषक तत्व एवं अन्य कीटनाशकों का छिड़काव बड़ी ही सरलता से कर सकेंगे, जिससे कृषकों के समय एवं पैसों दोनों की बचत भी होगी। प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना के माध्यम से देश के किसानों को तकनिकी खेती से जोड़ा जायेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में आधुनिकरण लाया जा सकेगा एवं कृषि क्षेत्रों का विकास और उत्थान भी किया जा सकेगा।[Read More]

पानी की बचत होगी 

प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना के माध्यम से पानी की भी बचत हो सकेगी, क्योकि जब एक एकड़ खेत में पारंपरिक तरीके से दवा का छिड़काव किया जाता है तो ऐसी स्थिति में पानी की करीब 150 लीटर से लेकर 200 लीटर तक की आवश्यकता होती है, इसके विपरीत अगर एक एकड़ जमीन में ड्रोन से छिड़काव किया जाता है तो छिड़काव का कार्य सिर्फ 10 लीटर पानी में ही पूर्ण कर लिया जाता है, ड्रोन से छिड़काव करने की स्थिति में पानी की बहुत बचत हो जाती है। इसके अतिरिक्त खेती में 50% से अधिक भू जल की आवश्यकता होती है, इस बात को ध्यान में रखते हुए अगर हमारे द्वारा ड्रोन के माध्यम से खेती के कार्य को किया जाएगा तो इससे पानी की भी बचत होगी, और पानी की बचत से पर्यावरण पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा। [यह भी पढ़ें- (PMJAY) आयुष्मान भारत योजना: Ayushman Bharat Yojana ऑनलाइन आवेदन]

योजना के माध्यम से पैसो की बचत तथा खेती की लागत कम होगी 

किसानो द्वारा यदि खेती पारंपरिक तरीके से की जाती है तो खेती करने के लिए किसानो को दो या तीन मज़दूरों की ज़रूरत होती है, इस हिसाब से एक मजदुर की मजदूरी 500 रुपए हुई तो तीनो मजदूरों की मजदूरी 1500 रुपए हो जाएगी, इससे काफी रुपए का खर्च हो जाता है। इसके विपरीत यदि ड्रोन के द्वारा खेतो में छिड़काव किया जाता है, तो किसानो को एक एकड़ जमीन पर छिड़काव करने में 400 रुपए का खर्चा आएगा इससे किसानो के पैसो की बचत हो पाएंगी और उन्हें छिड़काव के लिए खेतो के बीच में नहीं जाना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त ड्रोन तकनीक से छिड़काव करने की स्थिति में किसानों के पानी की बचत भी बहुत हद तक होगी। [यह भी पढ़ें- PM SHRI Yojana: पीएम श्री योजना की हुई शुरुआत, मॉडर्न बनेंगे 14,500 स्कूल]

कृषि में ड्रोन के क्या फायदे है

खेती के समय में किसान भाई अपनी पूरी फसलों में खाद तथा अन्य कीटनाशकों का छिड़काव करने में असमर्थ होते है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जी के द्वारा ड्रोन की तकनीक को शुरू किया गया है। अब सभी किसान खेत में मौजूद फसलों पर यूरिया व अन्य कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन तकनीक के सहायता से बहुत ही कम समय में आसानी से कर पाएंगे, इस प्रक्रिया से किसानो के समय की भी बचत हो सकेगी। इसके अलावा किसानो की अन्य दवा, खाद उर्वरक व कीटनाशक आदि की भी बचत हो सकेगी, इस ड्रोन के उपयोग से पांच से दस मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक, दवा, खाद उर्वरक आदि का छिड़काव किया जाएगा, इसके साथ ही छिड़काव वाले स्थान पर किसान नज़र भी रख सकते है[Read More]

कम मूल्यों वाले टॉप 3 कृषि ड्रोन 

  • एस 550 स्पीकर ड्रोन- 10 लीटर कीटनाशक का छिड़काव करने की क्षमता इस ड्रोन में होती है, इस ड्रोन में जीपीएस प्रणाली का समावेश किया गया है। इसके  अतिरिक्त इस ड्रोन में ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन उपलब्ध होता है, इसको व्यक्ति बारिश में भी चला सकते है क्योकि इसकी बॉडी वॉटर प्रूफ होती है। इस ड्रोन का सेंसर इतना शक्तिशाली होता है कि यदि इसके पास किसी प्रकार की बाधा आने वाली होती है तो ड्रोन द्वारा पहले ही चेतावनी प्रदान कर दी जाती है यही इस ड्रोन की सबसे खास बात होती है। इसका मूल्य करीब 4.5 लाख रुपए होता है। 
  • मोड 2 कार्बन फाइबर कृषि ड्रोन- केसीआई हेक्साकॉप्टर इस कृषि ड्रोन के मॉडल का नाम है, इस ड्रोन में तरल पदार्थ उठाने की क्षमता करीब 10 लीटर तक की होती है। देश में इसका मूल्य अब करीब 3.6 लाख रुपए होती है तथा इस ड्रोन में एनालॉग कैमरे की तकनीक भी मौजूद होती है।
  • केटी-डॉन ड्रोन- इस ड्रोन का आकार काफी बड़ा होता है, इस ड्रोन की भार उठाने की क्षमता 10 लीटर से 100 लीटर तक होती है, इस ड्रोन मे क्लाउड इंटेलिजेंट मैनेजमेंट की तकनीक मौजूद होती है, इस तकनीक को हैंडहेल्ड स्टेशन तथा मैप प्लानिंग फंक्शन के अनुसार तैयार किया गया है। भारत देश में इसका मूल्य 3 लाख रुपए से आरंभ होता है तथा इस ड्रोन की एक विशेष बात यह भी है कि इस ड्रोन की सहायता से स्टेशन द्वारा बहुत से ड्रोनों को नियंत्रित किया जा सकता है।

कृषि ड्रोन पर सब्सिडी से जुड़े मुख्य तथ्य

  • इसके अंतर्गत किसानो को खेती करने हेतु सरकार द्वारा कृषि मशिनीकरण पर उप-मिशन योजना का आरम्भ सस्ते कृषि यंत्र प्रदान करने के लिए किया गया है, इस योजना के अंतर्गत सब्सिडी का लाभ किसानो के साथ साथ अन्य नागरिको को ड्रोन खरीदने पर प्रदान किया जाता है। 
  • इसके अलावा कृषि ड्रोन की खरीद, प्रदर्शन करने, किराए पर लेने आदि में सहायता करके केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा इस तकनीक को सस्ता करने के लिए, दिशा निर्देशों को आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केन्द्रो, तथा कृषि विश्विद्यालयों को वित्त पोषण करने हेतु जारी किया गया है। 
  • केंद्र सरकार द्वारा किसानो उत्पादन संगठनों को 75% तक की आर्थिक सहायता ड्रोन खरीदने के लिए प्रदान की जाएगी, इस आर्थिक सहायता को 31 मार्च तक जारी रखा जाएगा। 
  • इस योजना के तहत ऐसे एजेंसियां जिनके द्वारा ड्रोन प्रदर्शन करने हेतु किराए पर लिए जाते है तो उन्हें सरकार द्वारा आकस्मिक खर्चे के रूप में प्रतिमाह 6000 रुपए प्रदान किए जाएंगे। 
  • वह एजेंसियां जो ड्रोन खरीद कर प्रदर्शन करती है उन सभी एजेंसियों को 3000 रुपए आकस्मिक खर्चे के रूप प्रति हेक्टेयर पर प्रदान किए जाएंगे।   

प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना के लाभ एवं विशेषताएं 

  • किसान ड्रोन योजना का प्रारंभ केंद्र सरकार द्वारा किया गया है, जिसके माध्यम से देश के किसानों को तकनिकी कृषि से जोड़ा जायेगा। 
  • इस योजना के माध्यम से किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है एवं ड्रोन के खरीद पर उन्हें सरकारी अनुदान भी प्रदान किया जाता है। 
  • भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी इस योजना के तहत किसानों को उनके वर्ग एवं क्षेत्रों के आधार पर वर्गीकृत कर के भिन्न-भिन्न अनुदान की राशि प्रदान की जाती है। 
  • प्रधानमंत्री जी के द्वारा आरम्भ की गयी इस योजना के अंतर्गत छोटे एवं सीमांत, एससी/एसटी, महिलाओं एवं पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को 50% अथवा अधिकतम 5 लाख रुपए तक की धनराशि अनुदान के तौर पर उपलब्ध की जाती है। 
  • इसके साथ ही अन्य कृषकों को 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 4 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाता है। 
  • प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना के माध्यम से एफपीओ को 75 प्रतिशत एवं कृषि मशीनरकरण पर उप मशीन के अंतर्गत मान्यता प्राप्त कृषि ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट अथवा कृषि विज्ञान केंद्रों को सौ प्रतिशत का अनुदान प्रदान किया जाता है। 
  • लाभार्थी कृषक इन कृषि ड्रोन की सहायता से भूमि अभिलेख, फसल मूल्यांकन, कीटनाशक एवं पोषक तत्वों के छिड़काव आदि जैसे आवश्यक कार्य आसानी से कर सकेंगे। 
  • इसके साथ ही लाभार्थी किसान ड्रोन के माध्यम से एक एकड़ भूमि पर सात से दस मिनट के समय अवधि में ही कीटनाशक, दवाइयों तथा यूरिया का छिड़काव कर सकेंगे। 
  • इससे किसानों के समय, श्रम, पैसों के साथ ही कीटनाशकों, पोषक तत्वों और खाद उर्वरकों की भी बचत होगी। वर्तमान समय में राजस्थान एवं महाराष्ट्र राज्य के किसानों द्वारा खेती में ड्रोन का प्रयोग किया जाने लगा है। 
  • इसके अतिरिक्त, ड्रोन की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि भविष्य में देश के अन्य सभी राज्यों के किसानों द्वारा भी कृषि कार्यों में ड्रोन का प्रयोग किया जाने लगेगा। 

ड्रोन उड़ाने हेतु निर्धारित शर्तें

  • किसानों को हाईटेंशन लाइन अथवा मोबाइल टावर वाले स्थानों पर ड्रोन उड़ाने हेतु अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। 
  • आवासीय क्षेत्रों के निकट खेती होने की दशा में भी किसानों को अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। 
  • कृषक ग्रीन जोन के क्षेत्र में भी ड्रोन के माध्यम से दवाई छिड़काव का कार्य नहीं कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त खराब मौसम अथवा तेज हवा में ड्रोन उड़ाने की भी अनुमति नहीं होगी।

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