Rashtriya Poshan Maah 2023: 5वां राष्ट्रीय पोषण माह का उत्सव 1 से 30 सितंबर तक

Rashtriya Poshan Maah 2023 | राष्ट्रीय पोषण अभियान पूरी जानकारी, उद्देश्य, कार्यान्वयन व मुख्यु बिंदु | 5th Rashtriya Poshan Abhiyan 2023 हिंदी में जानकारी – केंद्र सरकार द्वारा सुपोषित भारत के परिकल्पना को पूर्ण करने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों एवं अभियानों का संचालन किया जा रहा है। इसी दिशा में, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा Rashtriya Poshan Mah नामक एक नए अभियान का शुभारंभ किया गया है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पोषण अभियान 2023 के अंतर्गत 1 सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक, पूरे एक महीने के समय अवधि को 5वां राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मानाये जाने की घोषणा की गयी है। आपको बता दें कि इस बार इस अभियान को “महिला और स्वास्थ्य” एवं “बच्चे और शिक्षा” विषय पर केंद्रित किया गया है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से राष्ट्रीय पोषण अभियान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी साँझा करेंगे, तो हमारे साथ अंत तक अवश्य बनें रहें। [यह भी पढ़ें- ceir.gov.in Portal: CEIR Portal Registration Find Block Stolen Lost Mobile]

राष्ट्रीय पोषण अभियान 2023

1 सितंबर से 30 सितंबर 2023 तक चलने वाला Rashtriya Poshan Maah केंद्र सरकार द्वारा शुरू किये गए राष्ट्रीय पोषण अभियान का एक अभिन्न अंग है, जिसकी नींव देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 8 मार्च 2018 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के सुअवसर पर रखी गयी थी। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित Rashtriya Poshan Maah 2023 के तहत छः वर्ष से काम आयु वाले बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण संबंधी परिणामों में सुधार हेतु उचित कार्य किये जायेंगे। इस वर्ष सरकार ने पाँचवें राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से देश की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने एवं ग्राम पंचायतों को पोषण पंचायतों के तौर पर शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही, इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने हेतु संबंधित मंत्रालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तर तक कार्यक्रमों की श्रंखला भी तैयार की गयी है। [यह भी पढ़ें- ई ग्राम स्वराज पोर्टल: e-Gram Swaraj App डाउनलोड लिंक, egramswaraj.gov.in]

  • इन श्रंखलाओं के अंतर्गत पंचायत स्तर पर स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किये जायेंगे। 
  • राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को वर्षा जल संचयन हेतु जागरूक किया जायेगा एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य माँ एवं बच्चों हेतु पारंपरिक खाद्य पदार्थों से जुड़ी जानकारियाँ प्रदान की जाएगी। 
  • इस अभियान के तहत पोषण पंचायत समितियाँ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम नर्सों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करेगी। 
  • इसके अतिरिक्त, राज्य स्तरीय गतिविधियों के अंतर्गत सरकार द्वारा पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों की अम्मा की रसोई भी संचालित किये जाने की योजना बनायी गयी है। 
राष्ट्रीय पोषण अभियान 2022

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाएं

Overview of Rashtriya Poshan Maah

अभियान का नामराष्ट्रीय पोषण अभियान
आरम्भ की गईकेंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा
वर्ष2023
लाभार्थीछः वर्ष से कम उम्र के बच्चे एवं किशोरियाँ, गर्भवती महिलायें एवं दूध पिलाने वाली माताएँ 
आवेदन की प्रक्रिया_
उद्देश्यआम नागरिकों के बीच पोषण को लेकर जागरूकता उत्पन्न करना 
लाभपौष्टिक आहार एवं जागरूकता कार्यक्रम 
श्रेणीकेंद्र सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइट_

राष्ट्रीय पोषण अभियान का उद्देश्य 

देश के प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने रेडियो संबोधन मन की बात के माध्यम से देशवासियों से 1 सितंबर से लेकर 30 सितंबर 2023 तक के एक माह के समय अवधि को पाँचवें Rashtriya Poshan Maah के तौर पर मानाने का आव्हाण किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित 5वें राष्ट्रीय पोषण अभियान 2023 का मुख्य उद्देश्य देश की गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं एवं 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं किशोरियों‌ में पोषण से संबंधित समस्याओं का समापन करते हुए मोदी जी  जी के सुपोषित भारत के स्वप्न को हकीकत में परिवर्तित करना है। इस वर्ष, इस अभियान को मुख्यतः “महिला और स्वास्थ्य” एवं “बच्चे और शिक्षा” के विषय पर केंद्रित किया गया है, जिसके तहत विभिन्न संवेदीकरण कार्यक्रमों का आयोजन करके आम नागरिकों को पोषण के महत्त्व को बताते हुए उनमें जागरूकता उत्पन्न की जाएगी। [यह भी पढ़ें- एलआईसी की कन्यादान पॉलिसी क्या है | पंजीकरण फॉर्म, पात्रता जानकारी (LIC Kanyadan)]

  • इसके साथ ही, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए पहचान एवं आउटरीच कार्यक्रम भी तैयार किये गए है। 
  • इसके अतिरिक्त छः वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरियों के लिए जागरूकता अभियान, शिविर एवं मेलों के भी आयोजन किये जायेंगे। 

Rashtriya Poshan Maah 2023 के लाभ एवं विशेषताएं 

  • राष्ट्रीय पोषण माह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में आरंभ किये गए राष्ट्रीय पोषण अभियान का ही एक मुख्य हिस्सा है। 
  • देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी ने मन की बात रेडियो संबोधन के माध्यम से देशवासियों से 1 सितंबर से लेकर 30 सितंबर 2022 तक के अवधि को पाँचवें Rashtriya Poshan Maah 2023 के रूप में मानाने की अपील की है। 
  • इस अभियान के तहत गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं, 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। 
  • इसके साथ ही, इस अभियान के माध्यम से देश के आम नागरिकों के मध्य पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम एवं शिविर आयोजित किये जायेंगे। 
  • इस वर्ष इस पहल के मुख्य विषय “महिला और स्वास्थ्य” एवं “बच्चे और शिक्षा” निर्धारित किये गए है। 
  • इस अभियान के तहत सरकार ने ग्राम पंचायतों को पोषण पंचायतों के तौर पर जोड़ने की योजना बनायीं है, जिसके लिए मंत्रालय ने ग्राम पंचायत स्तर तक कार्यक्रमों की श्रंखला तैयार की है। 
  • राष्ट्रीय पोषण अभियान 2023 के तहत पंचायत स्तर तक जागरूकता गतिविधियों के सुचारु संचालन हेतु सरकार संबंधित जिला पंचायती राज अधिकारियों, सीडीपीओ, स्थानीय अधिकारियों का सहयोग भी लिया जाएगा।
  • केंद्र सरकार द्वारा राज्य स्तरीय गतिविधियों के तहत पारंपरिक व्यंजनों पर विशेष ध्यान देते हुए “अम्मा की रसोई” के माध्यम से पारंपरिक व्यंजनों एवं खाद्य पदार्थों को कार्यक्रम में शामिल किये जाने की योजना बनायी गयी है।
  • इसके साथ ही, राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को वर्षा जल संचयन हेतु जागरूक किया जायेगा एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य माताओं एवं बच्चों हेतु पारंपरिक खाद्य पदार्थों से जुड़ी जानकारियाँ प्रदान की जाएगी।

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