Right To Health Bill Kya Hai: राइट टू हेल्थ बिल फायदे, नुकसान यहां देखें

Right To Health Bill Rajasthan in Hindi PDF, जाने राजस्थान राइट टू हेल्थ बिल क्या है, इसके उद्देश्य, लाभ व विशेषताएं – राजस्थान सरकार द्वारा विधानसभा में राइट टू हेल्थ बिल को ध्वनि मत से राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधा प्रदान करने हेतु  पारित कर दिया गया है। इसके अंतर्गत विपक्ष पार्टी के द्वारा बिल के कुछ प्रावधान को लेकर विरोध किया जा रहा है, इसके विपरीत राज्य सरकार द्वारा राज्य के आम नागरिकों के लिए इस बिल को बहुत लाभदायक बताया गया है। इसके अतिरिक्त विधानसभा में सितंबर 2022 में Right To Health Bill को पेश किया गया था, इसके पश्चात अन्य कारणों और अनिवार्य मुफ्त आपातकालीन उपचार के प्रावधान की वजह से यह बिल आगे नहीं बढ़ पाया था। [यह भी पढ़े – राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन, एप्लीकेशन स्टेटस

Right To Health Bill

राज्य की आम जनता को स्वास्थ्य का कानूनी अधिकार प्रदान करने हेतु राजस्थान सरकार द्वारा विधानसभा में 21 मार्च 2023 को राइट टू हेल्थ बिल को पारित किया गया है। किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान, स्वास्थ्य देखभाल प्रतिष्ठा और नामित स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर आवश्यक सिल्किया शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना आपातकालीन उपचार और देखभाल का अधिकार राज्य के सभी नागरिको को इस बिल के पास होने से प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त Right To Health Bill के अंतर्गत राज्य के सभी मरीजों को उपचार के लिए मना नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा इलाज का खर्च मरीज की आपातकाल की स्थिति में वहन किया जाएगा, इसके साथ ही इसके माध्यम से गंभीर बिमारी से ग्रस्त होने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति निजी अस्पताल में निशुल्क भर्ती होने में सक्षम होंगा। [यह भी पढ़े – अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता व लाभ

Right To Health Bill

Overview of Right To Health Bill

योजना का नामराइट टू हेल्थ बिल
आरम्भ की गईराजस्थान सरकार द्वारा 
वर्ष2023
लाभार्थीराजस्थान राज्य के नागरिक 
आवेदन की प्रक्रिया—-
उद्देश्यराज्य के नागरिको को निजी अस्पतालों में भी मुफ्त स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना
लाभराज्य के नागरिको को निजी अस्पतालों में भी मुफ्त स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाएगी 
श्रेणीराजस्थान सरकारी योजनाएं 
आधिकारिक वेबसाइट

राजस्थान राइट टू हेल्थ बिल को लेकर क्यों हो रहा था विरोध?

राजस्थान राज्य के निजी चिकित्सक द्वारा राजस्थान राइट टू हेल्थ बिल को लेकर विरोध हो रहा था, क्योंकि राज्य के प्राइवेट अस्पताल किसी भी इमरजेंसी में इलाज हेतु इस बिल के तहत बाध्य हो जाएंगे। इसके साथ ही निजी अस्पताल बिना किसी पेमेंट के नवीन कानून आने के पश्चात इलाज करने हेतु बाध्य हो जाएंगे, इसके अतिरिक्त राज्य के मरीज नागरिको का सभी अस्पतालो को बिना किसी पेमेंट के इलाज करना पड़ेगा। [यह भी पढ़ें- (रजिस्ट्रेशन) मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना 2023: ऑनलाइन आवेदन, लाभ व पात्रता सूची]

इस बिल को लेकर आंदोलन करने वाले डॉक्टरों का कहना था कि इससे उन पर नौकरशाही का हस्ताक्षर बढ़ेगा। इसके साथ ही Right To Health Bill का विरोध जताने हेतु सोमवार 20 मार्च को निजी अस्पतालों के डॉक्टर सड़क पर भी उतरे थे, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ डॉक्टर के प्रतिनिधिमंडल द्वारा बातचीत की गई और इस बिल में बदलाव करने के सुझाव भी प्रदान किए गए है, सोमवार को विधानसभा में 5 चिकित्सकों का प्रतिनिधि मंडल स्वास्थ्य मंत्री से मिला और उनके द्वारा बिल को वापस लेने की मांग की गई।  

नियम का उल्लंघन करने पर 25000 रुपए  तक का जुर्माना 

किसी डॉक्टर या मरिज द्वारा किसी प्रावधान या नियम का उल्लंघन Right To Health Bill के अंतर्गत किया जाता है, तो इस स्थिति में उस डॉक्टर या मरिज को ऐसा करने पर 25000 रुपए तक का भुगतान जुर्माने के रूप में करना पड़ेगा। इसके अंतर्गत 10,000 रुपए तक के जुर्माने का भुगतान पहली बार किसी प्रावधान या नियम का उल्लंघन करने पर करना होगा, इसके पश्चात 25000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान बाद में निर्धारित किए गए किसी नियम का उल्लंघन करने पर किया गया है।

राजस्थान राइट टू हेल्थ बिल से जनता को मिलने वाले फायदे

  • आतंकवाद नेचुरल बायोलॉजिकल खराबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया, जहरीले पदार्थ, केमिकल अटैक, वायरस, परमाणु हमला, दुर्घटना, आबादी की बड़ी तादाद में मौत, गैसों का फैलना और जोखिम दुर्घटनाओ को राज्य सरकार द्वारा राजस्थान राइट टू हेल्थ बिल में शामिल किया गया है, इससे राज्य में होने वाले नुकसानों में भी कमी आएगी। 
  • इसके अतिरिक्त निजी अस्पतालों को भी इस बिल में सरकारी योजनाओं के अनुसार सभी बीमारी का इलाज निशुल्क करना होगा। 
  • राज्य के लोगों को महामारी के दौरान इस बिल के तहत इलाज, इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट, जांच, उपचार, नर्सिंग, डायग्नोसिस, और प्रोसीजर्स को शामिल किया गया है। 
  • गवर्नमेंट और प्राइवेट इंस्टिट्यूट, फैसिलिटी, बिल्डिंग आदि को भी इस बिल के अंतर्गत शामिल किया गया है, इसके साथ ही इंडोर आउटडोर यूनिट, सरकारी प्राइवेट स्वामी से संचालित किए जा रहे संस्थान, फेंडेंट और कंट्रोल्ड इंस्टीट्यूट भी जनता को इलाज देने हेतु राज्य सरकार द्वारा सम्मिलित किए जाएंगे। 
  • राजस्थान के सभी व्यक्तियों को बीमारी की जांच, इलाज, भावी रिजल्ट, संभावित जटिल और इलाज के खर्च के बारे में इस बिल के माध्यम से भली भांति जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इसके अंतर्गत परामर्श, दवाइयां, इमरजेंसी ट्रांसपोर्टेशन, डॉक्टर को दिखाना आदि सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाएगी। 
  • पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट की तरफ से राज्य के मरीजों को Right To Health Bill के तहत निशुल्क निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं इलाज के एडवांस पेमेंट के बिना इमरजेंसी में बिना देरी किए प्रदान की जाएगी। 
  • इसके अतिरिक्त इलाज के दौरान सर्जरी, कीमोथेरेपी के दौरान मानव गरिमा और गोपनीयता का ख्याल पहले से ही सूचना देकर रखा जाएगा। 
  • महिला कर्मी की महिला पेशेंट के फिजिकल टेस्ट के दौरान उपस्थिति आवश्यक होगी, इसके अतिरिक्त इस बिल के माध्यम से फ्री ट्रांसपोर्टेशन फ्री ट्रीटमेंट और फ्री इंश्योरेंस कवर रोड एक्सीडेंट में आने वाले मरीजों को प्रदान किया जाएगा। 
  • राज्य के ऐसे नागरिक जो दुर्घटना में घायल मरीज को अस्पताल पहुंचाते है, उन सभी नागरिको को भी 5000 रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। 
  • सरकारी डिपार्टमेंट के बीच सुरक्षित खाना देने, पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था, हाइजीन के लिए इसके अंतर्गत आपसी तालमेल रखा जाएगा। 
  • इसके अलावा सिस्टम की व्यवस्था किसी भी शिकायत का तुरंत निपटारा करने हेतु की जाएगी, 24 घंटे के अंदर वेब पोर्टल के माध्यम से शिकायत को सहायता केंद्र से संबंधित अधिकारी को भेजा जाएगा। 
  • इसके अंतर्गत 24 घंटे के अंदर शिकायत करने वाले को जवाब दिया जाएगा, इसके अतिरिक्त 30 दिन के अंदर डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अथॉरिटी को शिकायत मिलने पर उचित कार्यवाही करनी होगी।

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