ई टेंडर (e-Tender) क्या होता है | E Tender Registration, गवर्नमेंट टेंडर, ई निविदा प्रक्रिया

Bihar E-Tender Registration Kaise Kare, बिहार ई टेंडर गवर्नमेंट रजिस्ट्रेशन | ई टेंडर (e-Tender) क्या होता है?, ई निविदा की प्रक्रिया पूरी जानकारी – बिहार सरकार द्वारा E Tender की प्रक्रिया को कैबिनेट बैठक के दौरान ऑनलाइन करने का निर्णय किया गया है। राज्य में पहले टेंडर प्राप्त करने के इच्छुक नागरिको को लिखित प्रक्रिया को पूर्ण करना होता था, जिस कारण उन्हें विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का फैसला किया गया है, ई टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन होने से राज्य के सभी प्रतियोगियों को समान अवसर प्राप्त होंगे, तथा राज्य में भ्रष्टाचार भी खत्म होगा। इसके माध्यम से राज्य के सभी नागरिको के द्वारा ऑनलाइन घर बैठे ही सुविधाजनक रूप से आवेदन किया जा सकता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको e-Tender रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे है, जैसे- इसको किस उद्देश्य से ऑनलाइन किया गया है, तथा इसके लाभ और पात्रता क्या है आदि।  [Also read- बिहार रोजगार मेला 2023: Bihar Rojgar Mela Registration, रोजगार मेला, तिथि]

E Tender क्या है?

बिहार सरकार द्वारा E Tender की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, पहले के समय में किसी हॉल, या किसी ऐसी स्थान पर टेंडर की व्यवस्था की जाती थी, जहां सभी नागरिक अपने टेंडर को दाखिल करना चाहते थे। इस प्रक्रिया में सभी नागरिको को बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, अब बिहार सरकार द्वारा टेंडर प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। किसी दूसरे व्यक्ति या फर्म के द्वारा किसी सरकारी या प्राइवेट कार्य को एक फिक्स रेट पर कराने को टेंडर या ठेका कहा जाता है। [Also read- मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना बिहार 2023: ऑनलाइन आवेदन, एप्लीकेशन स्टेटस]

इन सभी कार्यो की निगरानी करने वाले व्यक्ति को ठेकेदार कहा जाता है, सरकारी विभागो में टेंडर को निविदा के नाम से जाना जाता है। राज्य के किसी भी नागरिक के द्वारा टेंडर के लिए इसमें हिस्सा लिया जा सकता है, इसमें हिस्सा लेने हेतु नागरिको को कुछ पेपर वर्क और निर्धारित शर्तो को पूर्ण करना होता है। इसके अंतर्गत शर्तो का निर्धारण ई टेंडर के मालिक द्वारा किया जाता है, किसी भी प्रकार के टेंडर को खरीदने हेतु यह बहुत आवश्यक होता है कि, टेंडर के मालिक और ठेकेदार दोनों को एक दूसरे के कार्य की अच्छे से समझ होनी चाहिए, उसके बाद ही टेंडर के कार्यो को आरंभ किया जाना चाहिए। [Also read- Pashu Shed Yojana Bihar | बिहार पशु शेड योजना 2023 ऑनलाइन अप्लाई, बेनेफिशरी लिस्ट]

E Tender

PM Modi Yojana

Overview of E Tender

आर्टिकल का नामई टेंडर
आरम्भ की गईबिहार सरकार द्वारा 
वर्ष2023
लाभार्थीराज्य के सभी नागरिक 
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन 
उद्देश्यटेंडर से सम्बंधित सभी प्रक्रियाओ को ऑनलाइन करना 
लाभटेंडर से सम्बंधित सभी प्रक्रियाओ को ऑनलाइन किया जाएगा 
श्रेणीबिहार सरकारी योजनाएं 
आधिकारिक वेबसाइटhttps://etender.up.nic.in

ई टेंडर का उद्देश्य 

ई टेंडर का मुख्य उद्देश्य सभी नागरिको को टेंडर से जुड़ी सभी प्रक्रियाओ को ऑनलाइन करना है। बिहार सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक के दौरान टेंडर की प्रक्रियाओ को ऑनलाइन करने का निर्णय किया गया है। पहले के समय में किसी हॉल, या किसी ऐसे स्थान पर टेंडर की व्यवस्था की जाती थी, जहां सभी नागरिक अपने टेंडर को दाखिल करना चाहते थे, उन्ही स्थानों पर उनके द्वारा टेंडर जमा किए जाते थे। इन सभी प्रक्रियाओ में नागरिको को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, इसी बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा E Tender की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। अब राज्य के सभी नागरिक घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपने टेंडर से सम्बंधित कार्यो को कर सकते है, इसके लिए उन्हें E Tender Registration कराना होगा। [Also read- मुख्यमंत्री बालक बालिका प्रोत्साहन योजना 2023: ऑनलाइन आवेदन, लाभ व पात्रता]

टेंडर कितने प्रकार के होते हैं

बिहार सरकार द्वारा ई टेंडर की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे सभी नागरिक टेंडर से जुड़े कार्यो को ऑनलाइन कर सकते है। टेंडर के चार प्रकार होते है, जोकि निम्नलिखित है:- 

  • एकल निविदा– ऐसे टेंडर जिसमे केवल एक ही वेंडर या ठेकेदार से आवेदन या निविदाए इकट्ठी की जाती है, वह एकल निविदा होते है। इन टेंडरो को अक्सर एकाधिक्रति वस्तुओं के मामले में प्राप्त किया जाता है, इसके साथ ही इस टेंडर को अधिक आवश्यकता के समय में भी प्राप्त किया जाता है। सिंगल टेंडर के अंतर्गत ठेकेदार की कंपटीशन या प्रतिस्पर्धा किसी भी प्रकार से नहीं होती है, इस वजह से डिपार्टमेंट को कभी-कभी नुकसान भी हो जाता है। 
  • सीमित निविदा– कुछ चुनिंदा और सीमित ठेकेदारों को जिन टेंडरो में आवेदन करने हेतु बुलाया जाता है, वह सीमित निविदा होते है। इसके तहत अधिकतर 500000 से कम के प्रोजेक्ट कार्यों हेतु अपनाया जाता है, लेकिन इसके अंतर्गत मूल्य को बढ़ाया भी जा सकता है।
  • खुली निविदा– कोई भी ठेकेदार या कंपनी जो इसके योग्य है वह ओपन टेंडर के तहत हिस्सा ले सकते है, इस टेंडर के तहत वह ठेकेदार जिनके पास लाइसेंस उपलब्ध होता है उनके द्वारा इसमें भाग लिया जा सकता हैं इसके साथ ही किसी अन्य ठेकेदार या कंपनी को भी टेंडर दिया जा सकता है, जिनके द्वारा यह कार्य किया जा सकता है। 
  • ग्लोबल टेंडर– इस टेंडर के अंतर्गत किन्ही दो या दो से अधिक देशों के नागरिको अथवा कंपनी के द्वारा टेंडर दाखिल किया जा सकता है।  

ई टेंडर के नियम 

टेंडर भरने हेतु किसी भी नागरिक को कुछ नियमो का पालन करना होता है, यह नियम निम्नलिखित है:-  

  • कोई भी व्यक्ति जिसके द्वारा टेंडर को भरा जा रहा है, उसको सभी जानकारी सही सही प्रदान करनी होती है। इसके अंतर्गत यदि किसी प्रकार की गलती टेंडर भरते समय हो जाती है, उन गलतियों के स्थान पर टेंडरदाता के आद्यक्षर द्वारा सत्यापित होना चाहिए। इन गलतियों पर दोबारा लिखा हुआ नहीं होना चाहिए। 
  • इसके अंतर्गत दर या शों में परिवर्तन करने संबंधी सूचना पर टेंडर खुलने के बाद किसी भी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा। 
  • ऐसे व्यक्ति जिनके द्वारा अकेले ही टेंडर को भरा जा रहा है तो उन्हें इसके साथ पते का दस्तावेज़ी सबूत अर्थात विद्युत बिल, रेशन कार्ड, पैन कार्ड किराया बिल आदि अटैच करना होगा। 
  • इसके अतिरिक्त टेंडर के साथ टेंडर अधिसूचना जारी होने की तारीख के 3 माह पहले से अधिक जो टेंडरदाता के नाम से जारी किया गया है, पुलिस जांच प्रमाणपत्र को भी टेंडरदाता द्वारा अटैच किया जाना चाहिए।
  • इसके साथ ही E Tender Registration करते समय टेंडरदाता को चरित्र प्रमाण पत्र जो टेंडर अधिसूचना जारी होने के 3 माह से अधिक पूर्व का न हो तथा उसे राजपत्रित अधिकारी या विषेश कार्यकारी मैजिस्ट्रेट या विधायक/सांसद द्वारा टेंडरदाता के नाम से जारी किया गया हो को भी टेंडरफार्म के साथ अटैच करना होगा। 
  • आवेदक व्यक्ति के द्वारा फॉर्म के साथ सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन नंबर का वैध प्रमाणपत्र और पैन कार्ड नंबर अटैच किया जाना चाहिए, यदि यह अटैच नहीं होंगे तो उनके टेंडर को रद्द कर दिया जाएगा। 
  • वैध टेलीफोन नंबर/मोबाइन नंबर टेंडर फार्म में दर्ज होना चाहिए तथा उस संबंधी दस्तावेज़ी सबूत को भी फॉर्म में अटैच होना चाहिए, क्योकि यदि आपका टेंडर स्वीकृत होता है तो आपको जानकारी प्रदान की जा सके। 
  • जिस भी व्यक्ति के द्वारा टेंडर भरा  जा रहा है, उसके द्वारा टेंडर भरने से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी को खुद के खर्चे से प्राप्त किया जाना चाहिए। 
  • इसके लिए व्यक्ति को खुद ही सभी स्थानीय शर्ते कार्य करने के स्थान, कार्य का प्रकार तथा उससे संबंधित सभी बातों से अवगत होना चाहिए। 
  • e-Tender रजिस्ट्रेशन किए गए आवेदन फार्म में दर्शाए गए सभी आवश्यक दस्तावेज अटैच होने चाहिए, इसके अंतर्गत टेडर के लिफाफे पर स्पष्ट रूप से टेंडर संख्या और उसका विवरण तथा अन्य विवरण सीलबंद होने अनिवार्य है। 
  • किसी भी टेंडरकर्ता द्वारा आवश्यक दस्तावेजो को आवेदन फॉर्म में अटैच नहीं किया जाता है, तो इस स्थिति में उनके टेंडरो पर विचार नहीं किया जाएगा, व्यक्ति द्वारा प्रदान की गई सभी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। 
  • ऐसी कंपनी या सरकारी प्रशासन जिनके द्वारा टेंडर प्राप्त किए जा रहे है, वह सभी उच्चतम ऑफर को अथवा अन्य किसी टेंडर को स्वीकार करने हेतु बाध्य नहीं होगी।  

ई टेंडर सर्च करने की प्रक्रिया 

वह सभी नागरिक जो ई टेंडर सर्च करना चाहते है, वह इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करके टेंडर सर्च कर सकते है: – 

  • सबसे पहले आपको ई टेंडर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है, इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुल जाएगा। 
ई टेंडर सर्च
  • वेबसाइट के होम पेज पर आपको सर्च के विकल्प पर क्लिक कर देना है, इसके बाद आपके सामने अगला पेज खुल जाएगा। 
ई टेंडर सर्च
  • इस पेज पर आपको टेंडर्स बाय लोकेशन के विकल्प पर क्लिक कर देना है, इसके बाद आपके सामने नवीन पेज प्रदर्शित हो जाएगा। 
ई टेंडर
  • यहां आपको अपनी लोकेशन दर्ज कर देनी है, अब आपको कैप्चा कोड दर्ज करके सबमिट के विकल्प पर क्लिक कर देना है। 
  • अब आपको उस टेंडर का चुनाव करना है जिस टेंडर को आप डालना चाहते है, उस पर आपको राइट क्लिक कर देना है। 
  • फिर आपके सामने टेंडर प्रदर्शित हो जाएगा, इस प्रक्रिया का पालन करके आप ई टेंडर सर्च कर सकते है।

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