मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म, पात्रता व लाभ

Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana आवेदन फॉर्म भरे, लाभ जाने | मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना रजिस्ट्रेशन फॉर्म, उद्देश्य व विशेषताएं – उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा किसानों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए औपचारिक रूप से Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana  को आरम्भ करने की घोषणा की गयी है। इस योजना के तहत राज्य के किसान दुर्घटना कल्याण के प्रावधानों के अनुसार, यदि राज्य में किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो किसान के परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता दी जाएगी, जिसके तहत 5 लाख रुपये और 60 प्रतिशत विकलांगता पर अधिकतम 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। [यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: Kanya Sumangala Yojana, ऑनलाइन आवेदन]

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Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2024

उत्तर प्रदेश राज्य के किसानों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए मंगलवार 21 जनवरी को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana को आरम्भ करने की मंजूरी दी गयी है, राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए इस योजना की घोषणा काफी अहम साबित हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत यह जानकारी दी है कि जिन किसानों की दुर्घटनाएं 14 सितंबर 2019 के बाद हुई हैं, उन्हें यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के तहत आर्थिक सहायता जाएगी, इस योजना का लाभ राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ किसानों को प्रदान किया जाएगा, ताकि किसानों के परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, और राज्य सरकार ने बताया है की UP Krishak Durghatna Kalyan Yojana इस योजना के द्वारा राज्य के नागरिको को काफी सहायता मिलेगी, और वह सभी अपने जीवन में सुधार ला सकेंगे। [यह भी पढ़ें- (रजिस्ट्रेशन) दिव्यांगजन शादी विवाह प्रोत्साहन योजना: UP Divyang Shadi Apply]

Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana समीक्षा

उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गयी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत जिला अधिकारी जगजीत कौर द्वारा कुल 18 में से 4 दावों को स्वीकृति दी गयी है, 6 दावों को अस्वीकार तथा 8 दावों को अपूर्ण होने की वजह से रोक दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों को प्राप्त करने हेतु लाभार्थी किसानों को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी एवं उनकी आयु न्यूनतम 18 वर्ष तथा अधिकतम 70 वर्ष होनी अनिवार्य होगी। साथ ही लाभार्थी किसानो की मुख्य आय स्रोत कृषि से ही आनी चाहिए। यदि किसान के पास खेती के लिए अपनी भूमि नहीं है एवं वह किसी अन्य की भूमि पर खेती करता है और उसकी किसी दुर्घटनावश मृत्यु हो जाती है अथवा वह विकलांग हो जाते है तो इस परिस्थिति में भी इस योजना के पात्र मने जायेंगे। साथ ही जिला अधिकारी द्वारा यह जानकारी भी प्रदान की गयी कि पेंडिंग दावों को किसी भी परिस्थिति में लंबित नहीं किया जायेगा। [यह भी पढ़ें- (रजिस्ट्रेशन) विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना : ऑनलाइन आवेदन, एप्लीकेशन स्टेटस]

यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना ऑनलाइन आवेदन

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के खातेदार अथवा सह खातेदार किसान जिनकी मृत्यु किसी दुर्घटनावश हो जाती है तो इस परिस्थिति में उस किसान के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश राज्य के इच्छुक किसानों को इस योजना के तहत मिलने वाले लाभों को प्राप्त करने हेतु आवेदन करना आवश्यक होगा। राज्य सरकार ने इस योजना का कार्यन्वयन ऑनलाइन मोड की सहायता से किया जायेगा, जिससे प्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत मैन्युअल आवेदनों को भी स्वीकार किया जायेगा। [यह भी पढ़ें- fcs.up.gov.in | यूपी राशन कार्ड ऑनलाइन आवेदन, UP FCS आधिकारिक वेबसाइट, नई सूची]

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

पीएम मोदी योजनाएं

Highlights of Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana

योजना का नाममुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना
वर्ष2024
आरम्भ की गईमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा
लाभार्थीराज्य के किसान भाई
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन/ऑफलाइन
उद्देश्यराज्य के किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना
लाभकिसी दुर्घटना की स्थिति में वित्तीय सहायता
श्रेणीउत्तर प्रदेश सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइट———

यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उद्देश्य

हम सभी नागरिक जानते हैं कि किसानों की आजीविका का एकमात्र साधन कृषि है। यदि किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या दुर्घटना में किसानों को कोई नुकसान होता है तो उसके परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024 के अनुसार यदि किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यदि कोई किसान दुर्घटना में अपंग हो जाता है तो सरकार 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। [यह भी पढ़ें- UP Kisan Karj Rahat List: उत्तर प्रदेश कर्ज माफ़ी लिस्ट, ऋण मोचन योजना सूची]

Mukhyamantri KrishakDurghatna Kalyan Yojana 2024 के लाभ

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के कई लाभ है और मुख्य लाभों में से एक वित्तीय निधि है जो किसी किसान की मृत्यु पर प्रदान की जाएगी या यदि किसान पहले ही मर चुका है तो परिवार के साथी सदस्यों को किसान के जीवन का मुआवजा मिलेगा, और मुआवजा 500000 रुपये का होगा जो सालाना मुहैया कराया जाएगा और जो सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। [यह भी पढ़ें- यूपी राशन कार्ड लिस्ट: UP Ration Card List | APL/BPL New List, राशन कार्ड सूची]

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बजट 2024 में कृषि हेतु किये गए ऐलान

हाल ही में उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री माननीय अदितयनाथ योगी जी के द्वारा 5वां बजट पेश किया गया था, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024 से सम्बंधित निम्न आवश्यक ऐलान किये गए:-

  • राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि करते हुए इसे दुगनी तक करने का ऐलान किया गया हैं।
  • इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के ऐसे किसान जिनके मृत्यु किसी दुर्घटना में हो गयी हो तो मृतक किसान के परिवार को 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • राज्य सरकार द्वारा इस योजना के कार्यावयन हेतु कुल 600 करोड़ रुपए की धनराशि जारी किये गए है। 
  • उत्तर प्रदेश सरकार जैविक कृषि एवं कृषि स्टार्टअप्स हेतु किसानों को प्रोत्साहित भी करेगी। साथ ही राज्य सरकार द्वारा खेती को आधुनिक भी किया जायेगा जिससे निर्यात में वृद्धि भी होगी। 

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना नई अपडेट

हम सभी नागरिक जानते हैं कि हमारे देश में नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए कई अन्य प्रकार की योजनाएं शुरू की गई हैं, इसी तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औपचारिक रूप से किसानों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण की शुरुआत की है। इस योजना के तहत किसान दुर्घटना कल्याण के प्रावधानों के अनुसार यदि राज्य के किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो किसान के परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही जिला अधिकारी जगजीत कौर ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 18 में से 4 दावों को स्वीकार कर लिया है, 6 दावों को खारिज कर दिया है और 8 दावे अधूरे होने के कारण लंबित हैं, वे सभी लाभार्थी जो इस योजना के लिए पात्र हैं. जो पात्र होंगे उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा। [यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: Kanya Sumangala Yojana, ऑनलाइन आवेदन]

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान भाइयों का राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और उनकी मुख्य आय कृषि से होनी चाहिए और इसके अलावा राज्य के किसान की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए, तभी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा।

कृषक दुर्घटना कल्याण आवेदन की शर्तें

  • यदि किसी किसान की दुर्घटना होती है तो उसे या उसके परिवार को 45 दिनों के भीतर किसान दुर्घटना कल्याण योजना में आवेदन करना अनिवार्य है।
  • यदि आवेदक 45 दिनों के भीतर आवेदन नहीं कर पाता है, तो केवल जिलाधिकारी ही समय सीमा को 30 दिन तक बढ़ा सकते हैं।
  • यदि किसान या उसका परिवार दुर्घटना के 75 दिनों के बाद पंजीकरण करता है, तो यह पंजीकरण मान्य नहीं होगा।
  • अगर किसान ने किसी सरकारी बीमा योजना के तहत आवेदन किया है और उसे वहां से 3 लाख रुपये मिले हैं तो यूपी सरकार उसे या उसके परिवार को सिर्फ 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी.

बजटीय व्यवस्था और प्रशासनिक व्यय

  • इस योजना के क्रियान्वयन हेतु तहसील, जिला एवं राजस्व परिषद स्तर पर प्रशासनिक व्यय हेतु धनराशि की आवश्यकता होगी। उक्त राशि का उपयोग कार्यालय व्यय, यात्रा व्यय, प्रशिक्षण के लिए यात्रा आदि के लिए किया जाएगा।
  • इस योजना के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के माध्यम से वर्ष 2021-22 के लिए 175 करोड़ रुपये की राशि शुरू की गई है।
  • मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना के तहत हर वर्ष नियमानुसार इस योजना के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता की व्यवस्था बजट से की जायेगी.
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्राप्त बजट की राशि जिलाधिकारियों को वित्तीय नियमानुसार उपलब्ध करायी जायेगी.
  • यह राशि जिला प्रशासन द्वारा किसान या उसके उत्तराधिकारियों को सत्यापन के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।

यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना में शामिल दुर्घटनाएं

  • सर्पदंश , जीव-जंतु व जानवर के काटने, मारने व आक्रमण से
  • सीवर चैंबर में गिरना
  • रेल ,सड़क और हवाई यात्रा के दौरान होने  वाली दुर्घटना
  • समुद्र, नदी, झील, तालाब, पोखर व कुएं में डूबने से
  • आंधी-तूफान, वृक्ष से गिरने, दबने व मकान गिरने
  • आग लगने, बाढ़, बिजली गिरने, करंट लगने
  • हत्या ,आतंकवादी हमला ,लूट , डकैती , मारपीट में हुई  वाली दुर्घटना
  • आकाश से बिजली गिरने , आग लगने , बाढ़ आदि में होने वाली दुर्घटना

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत कृषक सहायता राशि

  • एक हाथ तथा पैर की क्षति होने पर भी 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • दोनों हाथ अथवा दोनों पैर अथवा दोनों आंख की क्षति होने पर 100 प्रतिशत आर्थिक सहातया की जाएगी।
  • एक आंख ,एक पैर अथवा एक पैर की क्षति होने पर किसानों को 50 प्रतिशत की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • दुर्घटना में मृत्यु होने पर अथवा पूर्ण शारीरिक अक्षमता होने पर 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • स्थायी दिव्यांगता 50 प्रतिशत से अधिक लेकिन 100 प्रतिशत से कम होने पर  50 प्रतिशत की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • ऐसी स्थायी विकलांगता जो 25 % से अधिक है लेकिन 50 % से कम होने पर 25 प्रतिशत की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana के पात्रता मानदंड

  • मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024 का लाभ लेने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • यदि किसान इस यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं तो उनकी आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • उत्तर प्रदेश के खतौनी में दर्ज खतौनी, जो आकस्मिक मृत्यु या अपंगता का शिकार हो जाता है, तो उसके माता-पिता, पति पत्नी, पुत्र पुत्री, पुत्र वधू, पौत्र, जिनकी आजीविका का मुख्य साधन खातेदार/सह-खेदार की दर्ज कृषि है। जमीन से चलने वाले इस योजना के पात्र होंगे।
  • ऐसे किसान जिनके पास अपनी जमीन नहीं है और निर्धारित आधार पर खेती करते हैं तो ऐसे किसान भी इस योजना के पात्र होंगे।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में आवेदन कैसे करे?

  • सबसे पहले आपको हमारी वेबसाइट पर यहां दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर लेना है।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana PDF Form
  • इसके बाद आपको इस एप्लीकेशन फॉर्म में सभी जानकारी जैसे:- नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पता, थाना, तहसील, जनपद, दुर्घटना का कारण और अन्य जानकारियों को दर्ज कर देना है।
  • सभी जानकारियों को दर्ज करने के बाद आपको इस फॉर्म के साथ सम्बंधित दस्तावेजों को संलग्न करकर फॉर्म को संबंधित तहसील में जमा करा देना है।

उत्तर प्रदेश कृषक दुर्घटना कल्याण स्कीम आवेदन कैसे करे?

उत्तर प्रदेश के खेदार और सह-खेदार किसान, जिनकी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उन किसानों के परिवार इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। उत्तर प्रदेश राज्य के इच्छुक लाभार्थी जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो उन सभी को यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत आवेदन करना होगा। इस योजना को ऑनलाइन मोड के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिससे योजना की आवेदन प्रक्रिया में पूरी तरह से सरलता आएगी। इस योजना के तहत ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। इस योजना में किसान भी शामिल होंगे जो अन्य लोगों के खेतों में काम करते हैं और फसल की कटाई के बाद इसका वितरण किया जाता है। [यह भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश विवाह/शादी अनुदान योजना: UP Shadi Anudan Yojana, ऑनलाइन आवेदन]

जानने हेतु आवश्यक नियम –

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र को दुर्घटना के डेढ़ माह की अवधि के भीतर ही भरना अनिवार्य है।
  • किसी विशेष परिस्थिति में ही जिलाधिकारी द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने की अवधि को एक माह के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • किसी भी परिस्थिति में आवेदन की अवधि ढाई माह से ज्यादा नहीं बधाई जा सकती।

आवेदन पत्र के निस्तारण की प्रक्रिया

  • यदि लाभार्थी किसान की दुर्घटना हो जाती है तो इस स्थिति में लाभार्थी किसान के वारिस को आवेदन पत्र निर्धारित समय अवधि के अंदर तहसील कार्यालय में जमा करना होगा।
  • तहसील कार्यालय में आवेदन पत्र जमा होने के बाद, आवेदक को कार्यालय द्वारा आवेदन पत्र की प्राप्ति की रसीद प्रदान की जाएगी। 
  • इसके बाद आवेदक द्वारा आवेदन पत्र में प्रदान की गयी सभी जानकारियों का सत्यापन संबंधित तहसील कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा किया जायेगा। 
  • सत्यापन के बाद आवेदन पत्र को दो सप्ताह के अंदर उप जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिया जाता है। 
  • इसके साथ ही सभी अभिलेखों की छाया प्रति एवं आवेदन पत्र की छाया प्रति को तहसील कार्यालय में सुरक्षित रखा जाता है एवं इसके विवरण तहसील कार्यालय के रजिस्टर अथवा कंप्यूटर में भी संरक्षित कर लिया जाता है। 
  • अब जिलाधिकारी द्वारा सभी पात्र एवं अपात्र लाभार्थियों की पहचान हेतु दस्तावेजों का पुनः सत्यापन किया जाता है।
  • यदि जिलाधिकारी दस्तावेजों एवं आवेदन से संतुष्ट हो जाते है तो इन आवेदनों को एक सप्ताह के अंदर जिलाधिकारी को निस्तारण के लिए प्रेषित कर दिया जायेगा। 
  • साथ ही उप जिलाधिकारी के द्वारा गये क्रॉस वेरिफिकेशन को थर्ड पार्टी जाँच के रूप में माना जाएगा।
  • जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर इन आवेदन पत्रों का परीक्षण करने के बाद वित्तीय सहायता की धनराशि आवेदकों को प्रदान कर दी जाएगी। 
  • आवेदकों को प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता का भुगतान ऑनलाइन मोड से आवेदकों के बैंक खातें में किया जायेगा। 
  • जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा आवेदकों के आवेदन पत्र की स्वीकृति अथवा अस्वीकृती की सूचना उप जिला अधिकारी एवं तहसील को भी प्रदान की जाती है। 
  • इस तरह स्वीकृत आवेदन पत्रों के आवेदकों को 1 माह के भीतर वित्तीय सहायता की राशि का भुगतान किया जायेगा। 
  • यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के सुचारु कार्यान्वयन हेतु जिलाधिकारी तथा मंडल आयुक्त द्वारा आवेदन पत्रों के निस्तारण की नियमित मासिक समीक्षा भी की जाएगी।
  • राज्य सरकार द्वारा इस योजना के सुचारु कार्यान्वयन हेतु एक ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित की जाएगी एवं पोर्टल के बनने तक आवेदन पत्रों को सीधे संबंधित तहसील कार्यालय में ही जमा किये जायेंगे।
  • उत्तर प्रदेश के सारे जनपदों के आवेदन पत्रों से जुड़ी सभी आवश्यक सूचनाएँ जनपद द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। 
  • इस योजना से सम्बंधित वेब पोर्टल की शुरआत के पश्चात ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से आवेदन करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। 

पट्टेदार/बटाईदार का चयन

पट्टेदार का चयन:- उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गयी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत पट्टेदार का चयन करने हेतु पंजीकृत पट्टे की प्रमाणित प्रति को जमा करना आवश्यक होगा, इसी प्रति के माध्यम से पट्टेदार का चयन किया जायेगा। 

बटाईदार का चयन:- इस योजना के अंतर्गत बटाईदार के चयन हेतु निम्न प्रमाण पत्रों में से किसी एक प्रमाण पत्र को जमा करना अनिवार्य होगा:-

  • भूमि के स्वामी अथवा उसके वारिस से इस सम्बन्ध में प्रमाण पत्र लिया जायेगा कि मृतक किसान द्वारा फसली वर्ष के अंतर्गत भूमि पर बटाई पर कृषि कार्य किया गया है। 
  • यदि भूमि का स्वामी उपलब्ध नहीं है तो इस परिस्थिति में ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा इस सम्बन्ध में प्रमाण पत्र लिया जायेगा कि मृतक किसान द्वारा फसली वर्ष के अंतर्गत भूमि पर बटाई पर कृषि कार्य किया गया है। साथ ही इस प्रमाण पत्र पर ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल के हस्ताक्षर और मोहर होना अनिवार्य होगा। 

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