(PMFBY) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, एप्लीकेशन स्टेटस

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हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी जी के द्वारा किसानो के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आरम्भ किया गया है। इस योजना के द्वारा ज़ादा बारिश होने के कारण या अधिक सूखा पड़ जाने के कारण आदि किसानों की फसल जो ख़राब हो जाती है, और किसानो को जो नुकसान होता है वह सभी किसान PM Fasal Bima Yojana का लाभ ले सकते हैं। इस योजना में सभी  किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। और ऑनलाइन आवेदन करके नागरिक लाभ ले सकते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में आप नागरिको को पता है? यदि आप को इस योजना के बारे में नहीं पता है तो दोस्तों आइए आज हम आपको अपने इस लेख के द्वारा इस योजना से जुडी सभी जानकारी बतायगे।

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PM Fasal Bima Yojana 2021

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी जी द्वारा फसल बीमा योजना का आरम्भ किया गया है यह योजना हमारे देश के किसान भाइयों के लिए निकाली गई है। हमारे देश के किसानों की फसल में जो नुकसान हुआ है PM Fasal Bima Yojana के द्वारा भारतीय कृषि बीमा कंपनी में प्रत्येक आपदाओं के कारण ख़राब  हुई फसलों की बीमा किसानों के सीधे बैंक अकाउंट भेज दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 8800 करोड़ धनराशि खर्च करके इस योजना को शुरू किया है। यूपी फसल बीमा योजना 2021 के अंतगर्त  किसानों को खरीफ फसल 2% के लिए रबी की फसल 1.5% देते हैं और इस प्रकार जो भी नुकसान होता है जैसे कि ज्यादा बारिश होना या सूखा पड़ना ओले पड़ने  से जो फसल में जो नुकसान होता है उन सभी किसानों को सरकार द्वारा मदद दी जाएगी।

रधानमंत्री फसल बीमा योजना

PM Modi Yojana 2021

Overviews of PMFBY Scheme 2021

योजना का नामप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
विभागमिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर
लाभार्थीदेश के किसान
ऑनलाइन आवेदन के आरंभ तिथिआरंभ है
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि31 जुलाई 2019(खरीफ फसल के लिए)
उद्देश्यदेश के किसानों को सशक्त बनाना
सहायता राशि₹200000 तक का बीमा
योजना का प्रकारकेंद्र सरकार की योजना
आधिकारिक वेबसाइटhttps://pmfby.gov.in

PM Fasal Bima Yojana में अब तक किए गए 90000 करोड रूपए के दावों का भुगतान

PM Fasal Bima Yojana के तहत, किसानों को फसल पर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। यह योजना 13 जनवरी 2016 को शुरू की गई थी। PM Fasal Bima Yojana के तहत, बाढ़, तूफान, तेज बारिश आदि के कारण फसल को हुए नुकसान पर किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना भारतीय कृषि द्वारा संचालित है। बीमा कंपनी, फसाल बीमा योजना के तहत, लगभग 5.5 करोड़ किसानों के आवेदन एक वर्ष में आते हैं और इस योजना ने अब तक 90000 करोड़ रुपये का दावा किया है। इन दावों को आधार सीडिंग के जरिए निपटाया जाता है। covid -19 लॉकडाउन के दौरान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 7000000 किसानों को 8741.30 करोड़ रुपये दिए गए।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य

  • फसल बीमा योजना का उद्देश्य है की सरकार द्वारा किसानों को प्राकृतिक से होने वाली बर्बादी से बचाना!
  • फसल  में हुए नुकसान की धनराशि सीधे किसानों के बैंक अकाउंट भेजी जाएगी।
  • खेती-बाड़ी में आगे काम करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • किसानों को खेती – बाड़ी से होने वाले नुकसान और टेंशन को दूर करना।
  • भारत को अच्छा और प्रगतिशील बनाना।

फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्रॉप और प्रीमियम

क्र0स0 फसल किसान द्वारा देय बीमा राशि का प्रतिशत

क्र0स0फसलकिसान द्वारा देय बीमा राशि का प्रतिशत
1खरीफ2.0%
2रबी1.5%
3वार्षिक वाणिज्यिक एवं बागवानी फसले5%

किसान सम्मान निधि योजना लिस्ट 2021

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रीमियम राशि

  • खारिफ फसल- बीमित राशि 2%
  • रबी फसल- बीमित राशि 1.5%
  • सालाना वाणिज्यिक और बागवानी फसल के लिए- बीमित राशि 5%

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना दिसंबर अपडेट

फसल बीमा योजना के तहत, प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान पर बीमा कवर प्रदान किया जाता है। अब सरकार ने भी इस योजना के तहत वन्यजीव क्षति को कवर करने का निर्णय लिया है। अब, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत, यदि जंगली जानवरों के कारण फसल को नुकसान होता है, तो किसान को फसल पर नुकसान का कवर प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा एडऑन कवरेज के रूप में प्रदान की जाएगी। कवरेज पर यह ऐड किसानों के लिए वैकल्पिक होगा।

  • अगर किसानों को प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत वन्य जीवन कवर लेना है, तो किसानों को प्रीमियम का भुगतान करना होगा। हालाँकि राज्य सरकार इस कवरेज पर अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करने पर विचार कर रही है।
  • बीमा कंपनी और MoEFCC के परामर्श से सरकार द्वारा बोलियों के मूल्यांकन के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल और प्रक्रिया तैयार की गई है।
  • वन अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया है कि राज्य ने पहले ही किसानों को फसल क्षति मुआवजा प्रदान किया था। अब विभिन्न राज्यों द्वारा प्राप्त सुझाव के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दिशानिर्देशों में जंगली जानवरों के नुकसान को भी शामिल किया गया है। महाराष्ट्र में फसल क्षति को रोकने के लिए गठित पैनल द्वारा भी इस कदम की सिफारिश की गई है।

फसल बीमा योजना गतिविधि कैलेंडर

गतिविधि कैलेंडरखरीफरबी
अनिवार्य आधार पर लोनी किसानों के लिए स्वीकृत ऋण।अप्रैल से जुलाई तकअक्टूबर से दिसम्बर तक
किसानों के प्रस्तावों की प्राप्ति के लिए कट ऑफ़ तारीख (ऋणदाता और गैर-ऋणदाता)।31 जुलाई31 दिसम्बर
उपज डेेटा प्राप्त करने के लिये कट आफ तारीखअतिंम फसल के एक महीने के भीतरअतिंम फसल के एक महीने के भीतर

सरकार द्वारा देश के इन 100 जिलों में मिलेगा फसल बीमा का मुआवजा

किसानों को अब जल्द ही फसलों का बीमा मिल सकेगा। सरकार ने फसल के नुकसान की निगरानी के लिए ड्रोन की अनुमति दी है। फसलों के नुकसान के लिए सरकार ड्रोन की मदद लेगी। शुरुआत में, यह अभियान देश के 100 जिलों में चलाया जाएगा। बाद में इसकी सफलता को देखते हुए बाकी देशों में ड्रोन की निगरानी बढ़ाई जाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के महानिदेशक (DGCA) ने खेतों पर ड्रोन उड़ाने की अनुमति दे दी है। इससे फसलों का आकलन करने में मदद मिलेगी और किसानों को मुआवजा मिलेगा क्योंकि मुआवजे के लिए ड्रोन के जरिए फसलों की स्थिति जल्द ही पता चल जाएगी। यदि फसलों का नुकसान होता है, तो सूचना ड्रोन के माध्यम से प्रत्यक्ष कृषि विभाग तक पहुंच जाएगी और उसी आधार पर बीमा कंपनियां आसानी से फसल बीमा जारी कर सकेंगी।

  • इस योजना के तहत, अतिरिक्त प्रीमियम की राशि राज्य और भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है और 90% प्रीमियम राशि भारत सरकार द्वारा उत्तर पूर्वी राज्यों में प्रदान की जाती है। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत औसत बीमा राशि को 4040 तक बढ़ाया गया है। यह राशि पहले 15,100 प्रति हेक्टेयर थी।
  • बुवाई से पूर्व कटाई तक का पूरा समय योजना के अंतर्गत आता है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों और नुकसान के बीच बुवाई को भी प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत शामिल किया गया है। इस योजना के तहत समय-समय पर सुधार किए गए हैं, ताकि इसे फ्लेक्सिबल बनाया जा सके।

ड्रोन कैसे काम करेगा (New Update)

फसलों का सर्वेक्षण करने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। अब तक व्यक्ति में सर्वेक्षण कार्य किया गया था। यदि किसी क्षेत्र में एक फसल बर्बाद हो जाती है, तो एक टीम इसका सर्वेक्षण करने जाएगी। टीम ने फसलों का दौरा किया और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उस आधार पर मुआवजा की घोषणा की जाती है। यह पूरी प्रक्रिया कठिन है क्योंकि इसमें कई दिन लग गए। कोष में भ्रष्टाचार भी मौजूद था। किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिलता है या अनावश्यक रूप से देरी होती है। अब इसे एक बड़ी मदद मिलेगी, क्योंकि अब कोई भी फसलों की क्षति का सर्वेक्षण नहीं करेगा, लेकिन ड्रोन।

यह ड्रोन हाई-टेक होगा और इसमें कई तरह के सेंसर होंगे। इसमें मौसम और फसलों की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी और वास्तविक समय के आंकड़े कृषि विभाग को भेजे जाएंगे। इससे फसलों के त्वरित मूल्यांकन में मदद मिलेगी। इसलिए, कुछ दिनों में मुआवजा जारी किया जाएगा। फसलों पर मौसमी बोझ का असर किसानों पर कम होगा। मुआवजे के पैसे से वे भविष्य की फसल की तैयारी कर सकेंगे। अगले फसल चक्र को देखते हुए, हम खेती की योजना बना पाएंगे।

किसानो के लिए राहत अब चावल-गेहूं के जिलों में उड़ेंगे ड्रोन

इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए, भारत सरकार के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि DGCA ने देश के चावल और गेहूं उत्पादक क्षेत्रों पर ड्रोन उड़ाने की अनुमति दी है। कृषि मंत्रालय को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रिमोट सेंसिंग डेटा एकत्र करने के लिए ड्रोन का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। एक सरकारी बयान में कहा गया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने शुक्रवार को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को दूरस्थ रूप से संचालित विमान प्रणाली (RPAS) का उपयोग करने की सशर्त छूट दी।

Revised प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्रकारवर्ष 2016 के लियेवर्ष 2019 के लिये
किसान द्वारा देय प्रीमियम धनराशिरू 900रू 600
शतप्रतिशत नुकसान की दशा मे किसान को प्राप्त धन राशिरू 15000रू 30000

प्रधान मंत्री की अन्य सरकारी योजनाएँ :-

PM Fasal Bima Yojana के कौन पात्र है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतगर्त हमारे देश के सभी किसान पात्र हैं।

  • यूपी फसल बिमा स्कीम के द्वारा आप अपनी जमीन पर बीमा करवा सकते हैं और साथ ही किसी से ठेके पर ली हुई जमीन पर भी बीमा हो सकता है।
  • उन किसानों को PM Fasal Bima Yojana का पात्र माना जाएगा जो पहले से किसी बीमा योजना का
  • लाभ नहीं ले रहे।

फसल बीमा योजना आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • बैंक खाता
  • एड्रेस प्रूफ जैसे के ड्राइविंग लाइसेंस पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड
  • अगर आपके पास किराए की जमीन है तो उसमें खेत के मालिक के साथ एक करार की फोटो कॉपी
  • खेत का खाता नंबर
  • किसान का फोटो
  • किसान द्वारा फसल शुरू किए हुए दिन की तारीख

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऑनलाइन आवेदन

PM Fasal Bima Yojana 2021 में आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।

PMFBY Apply
  • PM Fasal Bima Yojana में पंजीकरण करने के लिए आपको पहले अपना एक अकाउंट बनाना होगा।
  • अकाउंट बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें और पूछी गई पूरी जानकारी को ठीक से भरे।
  • पूरी जानकारी दर्ज करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें इससे द्वारा आपका अकाउंट आधिकारिक वेबसाइट पर बन जाएगा।
PMFBY Login
  • अकाउंट बनने की बाद अपने अकाउंट में लॉग इन करके आपको फसल बीमा योजना की लिए फॉर्म भरना होगा
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana Online Registration
  • फसल बीमा योजना फॉर्म को सही ढंग से भरने के बाद, आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद आपको अपनी स्क्रीन पर सफलता का संदेश दिखाई देगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम करने की प्रक्रिया

यदि किसी किसान को फसल क्षति हुई है, तो वह नीचे दी गई प्रक्रिया के माध्यम से बीमा राशि का दावा कर सकता है।

  • सबसे पहले, किसान को अपनी फसल के नुकसान की जानकारी बीमा कंपनी के बैंक या राज्य सरकार के किसी अधिकारी को देनी होगी।
  • यह जानकारी किसान टोल फ्री नंबर पर संपर्क करके भी प्रदान की जा सकती है।
  • यदि आपने बीमा कंपनी के अलावा किसी और को जानकारी दी है, तो यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि जानकारी जल्द से जल्द बीमा कंपनी तक पहुंचे।
  • बीमा कंपनी तक पहुंचने के 72 घंटे के भीतर नुकसान का आकलनकर्ता नियुक्त किया जाएगा।
  • अगले 10 दिनों के भीतर आपकी फसल के नुकसान का आकलन किया जाएगा।
  • यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक की जा रही है, 15 दिनों के भीतर आपके खाते में प्रदान की जाएगी

योजना के अंतर्गत आने वाली बीमा कंपनियों के टोल फ्री नंबर

इन्शुरेंस कंपनी का नामटोल फ्री नंबर
एग्रिकल्चर इन्शुरेंस कंपनी1800 116 515
बजाज आलियंज इन्शुरेंस कंपनी1800 209 5959
भारती एक्सा जनरल इन्शुरेंस कंपनी1800 103 7712
चोलामंडलम MS जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 200 5544
फ्युचर जनराली इंडिया इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 266 4141
एचडीएफ़सी एर्गों जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 266 0700
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 266 9725
इफको टोकियो जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 103 5490
नेशनल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 200 7710
न्यू इंडिया एशुरेंस कंपनी1800 209 1415
ओरिएंटल इन्शुरेंस1800 118 485
रिलायंस जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 102 4088 / 1800 300 24088
रॉयल सुंदरम जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 568 9999
एसबीआई जनरल इन्शुरेंस1800 123 2310
श्रीराम जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 3000 0000 / 1800 103 3009
टाटा एआईजी जनरल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड1800 209 3536
यूनाइटेड इंडिया इन्शुरेंस कंपनी1800 4253 3333
यूनिवर्सल जनरल इन्शुरेंस कंपनी1800 200 5142  

प्रधानमंत्री हेल्पलाइन नंबर

इस योजना के तहत, देश के किसानों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। यदि किसी किसान को इस योजना से संबंधित कोई समस्या नहीं है, तो वह अपने हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके अपनी समस्या का समाधान कर सकता है और योजना से जुड़ सकता है। जानकारी ले सकते हैं।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए फोन नंबर – 01123382012 पर जाएं
हेल्पलाइन नंबर – 01123381092

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