एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना 2024: खाद-उर्वरकों की खरीद में नहीं होगी धांधली, किसानों के हित में जारी हुई

One Nation One Fertilizer All Details, Notifications & Benefits | एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना सब्सिडी वाली सारी उर्वरक अक्टूबर से ‘भारत’ ब्रांड के नाम से बिकेंगी – केंद्र सरकार द्वारा फर्टिलाइजर की चोरी व कालाबाजारी को खत्म करने हेतु किसानो के लिए देश में एक नई योजना को आरंभ करने की घोषणा की गई है जिसको एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना के नाम से जाना जाएगा। इस योजना के माध्यम से सभी कंपनियों की खाद एवं अन्य उत्पादों को उनकी कंपनियों के नाम के स्थान पर भारत ब्रांड नाम से प्रस्तुत किया जाएगा। One Nation One Fertilizer को प्रधानमंत्री जन उर्वरक परियोजना के अंतर्गत शुरू किया गया है इसमें एक ही ब्रांड के नाम से यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके आदि को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त बुद्धवार को स्टेट ट्रेंडिंग कंपनियों, फर्टिलाइजर कारखानों, फर्टिलाइजर की विपणन कंपनियों को, अपने सभी उत्पादों को भारत ब्रांड के नाम से पेश करने के निर्देश केंद्रीय केमिकल फर्टिलाइजर, तथा फर्टिलाइजर मंत्रालय के द्वारा प्रदान किये गए है। [यह भी पढ़ें- एलआईसी की कन्यादान पॉलिसी क्या है | पंजीकरण फॉर्म, पात्रता जानकारी (LIC Kanyadan)]

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना क्या है?

भारत देश के प्रधानमंत्री जी के द्वारा एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना को देश में लागू करने की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत देश में उर्वरक, फर्टिलाइजर ब्रांडों में समानता की जाएगी, इसके लिए सरकार द्वारा एक घोषणा के दौरान सभी उर्वरक कंपनियों को ”भारत” नाम से अपने उत्पादों को बेचने का आग्रह किया गया है, जिससे फर्टिलाइजर की बोरियों पर मौजूद लोगो से इस बात की जानकारी प्राप्त होगी कि यह खाद केंद्रीय सब्सिडी का खाद है इस वजह से इस खाद की चोरी होने की संभावना भी कम होगी। [यह भी पढ़ें- (रजिस्ट्रेशन) बाल आधार कार्ड: ऑनलाइन आवेदन, ब्लू आधार कार्ड एप्लीकेशन फॉर्म]

अक्टूबर माह से One Nation One Fertilizer का संचालन किया जाएगा, इसके अलावा इसके माध्यम से देश के किसानो को काफी हद तक सहायता प्राप्त होगी और उन्हें खेती के लिए यूरिया और डीएपी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा, तथा इसके जरिए से मालढुलाई सब्सिडी की लागत में भी कमी आएगी। [यह भी पढ़ें- (Registration) Sail Pension Scheme 2023: Download Application Form PDF]

इस बात की जानकारी शनिवार को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया जी के द्वारा प्रदान की गई है, इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि भारत सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में प्रदान किए जाने वाले सभी उर्वरकों को अक्टूबर माह से ही भारत ब्रांड नाम से बेचा जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को इसी द्रष्टिकोण से शुरू किया गया है, जिससे भारत में मौजूद विभिन्न ब्रांडो हेतु किसानो में होने वाले असमंजस को खत्म किया जा सके क्योकि नाइट्रोजन की मात्रा 46% तक सभी यूरिया में पाई जाती है इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को आरंभ करने का निंर्णय लिया गया है। [यह भी पढ़ें- नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) 2023: सब्सक्राइबर रजिस्ट्रेशन फॉर्म, एनपीएस अकाउंट खोले]

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना

प्रधानमंत्री मोदी योजना

Overview of One Nation One Fertilizer

योजना का नामएक राष्ट्र एक उर्वरक योजना
आरम्भ की गईकेंद्र सरकार द्वारा 
वर्ष2023
लाभार्थीभारत देश के किसान 
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन 
उद्देश्यभारत में हो रही फर्टिलाइजर की चोरी और कालाबाजारी को रोकना 
लाभकिसानो में खेती के लिए यूरिया और डीएपी की कमी को खत्म करना 
श्रेणीकेंद्रीय सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइट

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना का उद्देश्य 

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना का मुख्य उद्देश्य देश में हो रही फर्टिलाइजर की चोरी व कालाबाजारी को रोकना तथा माल ढुलाई सब्सिडी को कम करना है। इसके माध्यम से देश में उर्वरकों की वास्तविक समय की मूवमेंट, उपलब्धता, बिक्री आदि की निगरानी की जाएगी, जिससे यूरिया के डायवर्जन पर भी रोक लगेगी। इसके अतिरिक्त जो सब्सिडी भारत सरकार द्वारा कंपनियों को प्रदान की जाती है जिसके जरिये से भिन्न भिन्न जगहों में उर्वरकों की मांग को पूर्ण किया जाता है, इस सब्सिडी की होने वाली चोरी को रोकने के उद्देश्य से ही केंद्र सरकार द्वारा One Nation One Fertilizer को शुरू किया गया है। [यह भी पढ़ें- Instant E Pan Card Online Application: Download Pan Card, Fees & Documents]

कंपनियों द्वारा उर्वरक अलग-अलग नामो से बेचा जाता है जिससे उर्वरको को एक राज्य से अलग राज्य में भेजने पर ढुलाई लागत में बढ़ोत्तरी होती है और साथ ही समय पर किसानो को उर्वरक उपलब्ध कराने में भी समस्या का सामना करना पड़ता है, इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए देश में इस योजना का आयोजन किया गया है। [यह भी पढ़ें- (रजिस्ट्रेशन) पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना: PM Cares for Children ऑनलाइन आवेदन फॉर्म]

केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है यूरिया पर 80 प्रतिशत की सब्सिडी

भारत ब्रांड के तहत मांडविया जी के द्वारा सभी सब्सिडी वाले उर्वरकों को बेचने के पीछे की वजह को बताते हुए कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा 80 प्रतिशत की सब्सिडी सरकार यूरिया के खुदरा मूल्य पर प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा 31% पोटाश की कीमत, 55% एनपीके, 65% डीएपी की कीमत सब्सिडी के रूप में प्रदान की जाती है, इसके साथ साल के 6000-9000 करोड़ रुपए उर्वरकों को लाने और ले जाने में लग जाते है। हालांकि इस योजना को अक्टूबर माह में लागू किया जाएगा, मगर उर्वरक कंपनियों को अपना मौजूदा स्टॉक बेचने हेतु केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर के अंत तक का वक्त दिया गया है केंद्र सरकार द्वारा पिछले वित्त वर्ष (2021-22) में उर्वरक सब्सिडी 1.62 लाख करोड़ रुपए प्रदान की गई थी। अब वर्तमान में पूर्व के पांच-महीनों में उर्वरकों के दाम वैश्विक स्तर पर बढ़ने से उर्वरक सब्सिडी का बोझ केंद्र सरकार पर बढ़कर 2.25 लाख करोड़ होने की बात कही जा रही है। [यह भी पढ़ें- PM Yashasvi Scheme 2023: Online Registration, Eligibility & Selection Criteria]

One Nation One Fertilizer का विरोध क्यों हो रहा है?

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना की घोषणा के बाद देश की सभी उर्वरक कंपनियों द्वारा इसका विरोध किया गया है, कंपनियों के द्वारा कहा गया है कि इस योजना की वजह से बाजार में दूसरी उर्वरक कंपनियों के मुकाबले उनकी अलग पहचान तथा उनकी ब्रांड वैल्यू खत्म हो जाएगी। इसके अतिरिक्त कांग्रेस सरकार द्वारा भी गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा आरम्भ इस योजना की आलोचना की गई है, इस विषय में कांग्रेस सरकार के महासचिव जयराम रमेश के द्वारा एक ट्वीट के माध्यम से कहा गया है कि ”सर्वव्यापी द्वारा अपने प्रचार हेतु जो कुछ भी किया जाता है, उससे अब हमको आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए, अब प्रधानमंत्री जी के द्वारा सभी उर्वरकों को एक ब्रांड के अंतर्गत बेचने का फैसला किया गया है, वह भी बीजेपी सरकार के हिस्से के रूप में एक नेशन, एक में, एक फर्टिलाइजर” [यह भी पढ़ें- PMAY Status 2023: Check Pradhan Mantri Awas Yojana Subsidy Status]

कैसे रुकेगी खाद की चोरी?

इस योजना के अंतर्गत खाद की बोरी पर नए ब्रांड और लोगो का उल्लेख एक तरफ के दो तिहाही हिस्से पर मौजूद होगा तथा कंपनी द्वारा अपना ब्यौरा तथा निर्धारित किए गए तथ्यों का उल्लेख शेष एक तिहाई हिस्से में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इन सभी बोरियो पर सरकार द्वारा प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना को छापा जाएगा, जिससे इन बोरियो की पहचान हो सकेगी कि यह बोरियां सब्सिडी की है तथा इनकी चोरी और कालाबाज़ारी नहीं की जा सकती यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा इनकी कालाबाजारी की जाती है तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति का बहुत ही आसानी से पता लगाया जा सकता है और इसके पश्चात उस व्यक्ति को सज़ा भी दी जाएगी। [यह भी पढ़ें- Meri Pehchan Portal | मेरी पहचान meripehchaan.gov.in लॉगिन एवं रजिस्ट्रेशन]

19 सितंबर तक ना खरीदें पुरानी बोरियां 

केंद्र सरकार द्वारा घोषणा की गई है कि कोई भी किसान अथवा नागरिक 19 सितंबर 2023 के बाद से पुराने डिज़ाइन, व लोगो की बोरियो को नहीं खरीदे। इस विषय में सरकार द्वारा निर्देश दिए गए है कि One Nation One Fertilizer के तहत डिजाइन होने वाली बोरियों के ही फर्टिलाइजर की खरीद की जाएं। इसके अतिरिक्त इस बात को भी सरकार द्वारा साझा किया गया है कि भारत ब्रांड के फर्टिलाइजर को 2 अक्टूबर 2023 को बाजार में लाया जाएगा, इसके साथ ही पुरानी बोरियों को खत्म करने की आखिरी तिथि सरकार द्वारा 21 दिसंबर 2023 निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त अब देश की निजी व सार्वजनिक कंपनियों को अपने उर्वरको को एक ही नाम से बेचना होगा। [यह भी पढ़ें- Post Office Monthly Income Scheme | एक बार करे निवेश हर महीने मिलेंगे 4950 रुपये

पुरानी बोरियों को खपाने की अंतिम तारीख तय

केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी के उर्वरक की सभी पुरानी बोरियों को खपाने हेतु अंतिम तिथि को भी निर्धारित कर दिया गया है, इसके तहत  31 दिसंबर 2022 सरकार द्वारा अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। अब सभी कंपनियों के द्वारा पुराने डिज़ाइन वाली बोरियों को खपाने में जल्दी करनी होगी, क्योकि जब नए बैग बाजार में उतारे जाएंगे तो उन्हें आसानी से प्रचलन में लाया जा सकेगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा निर्देश दिए गए है कि पैक्ड कमोडिटी एक्ट के अंतर्गत मेट्रोलाजी एक्ट, फर्टिलाइजर के लिए निर्धारित की गई प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करें, इसके साथ ही 19 सितंबर 2022 के बाद पुरानी डिजाइन और लोगो वाली बोरियों को खरीदने से भी केंद्र सरकार द्वारा मना किया गया है। इसके अतिरिक्त एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना के तहत डिज़ाइन की गई बोरियो के ही फर्टिलाइजर को खरीदा जाना चाहिए। [यह भी पढ़ें- Kisan Drone Yojana 2023 | किसान ड्रोन योजना आवेदन, 5 लाख की सब्सिडी, लाभ एवं पात्रता]

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना के लाभ 

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना के माध्यम से देश के किसानो को आसानी से खाद व उर्वरक रबी और खरीफ सीजन के समय में प्रदान हो सकेगी। इस विषय में सरकार द्वारा यह बात कही गई है कि इस योजना के माध्यम से फर्टिलाइजर की चोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सकेगी, इसके जरिए से सभी किसान भाईयों को कम मूल्य का उर्वरक प्राप्त हो सकेगा। [यह भी पढ़ें- ESM Daughters Yojana: बेटियों की शादी के लिए सरकार देगी रु50,000, पात्रता जाने]

One Nation One Fertilizer की जाकारी पढ़े इंग्लिश में

इसके अतिरिक्त इस योजना के तहत सभी कंपनियों के उर्वरको को भारत ब्रांड के नाम से जाना जाएगा। भारत सरकार द्वारा किसानो को बहुत ही कम कीमत पर उर्वरक प्रदान किए जाते है तथा उन्हें उर्वरको पर सब्सिडी भी मुहैया की जाती है। अब केंद्र सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि संपूर्ण देश में एक प्रकार की फर्टिलाइजर खाद उपलब्ध कराई जाएगी, इसी दिशा में फर्टिलाइजर खाद को खाद कंपनियों की बजाय भारत ब्रांड के नाम से उपलब्ध कराया जाएगा। [यह भी पढ़ें- One Nation One Fertilizer | Govt. Announced One Nation One Fertilizer Initiative]

One Nation One Fertilizer के तहत खाद की सभी बोरियो को एक जैसा ही बनाया जाएगा, जिससे इनकी पहचान आसानी से हो सकेगी, इन सभी बोरियो से इस बात की भी जानकारी प्राप्त होगी कि सभी बोरियां सब्सिडी की है, इस खाद को केवल खेती के कार्य में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अगर कोई भी व्यक्ति इसकी कालाबजारी व चोरी करता है तो उसकी भी पहचान आसानी से की जा सकेगी। [यह भी पढ़ें- (Apply) KDA New Plot Scheme 2023: Application Form, Online Registration]   

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना की विशेषताएं 

  • इस योजना के अंतर्गत उर्वरक कंपनियां सब्सिडी प्राप्त तभी कर सकती है जब पीओएस मशीन के जरिए से उर्वरक बैग डीबीटी के अंतर्गत बार कोड रीडिंग मशीन से बेचा जाएगा। 
  • इसके अतिरिक्त सभी यूरिया बैगो पर बार कोड होना अत्यंत आवश्यक होगा जिसको बार कोड रीडिंग मशीन के जरिये से आसानी से पढ़ा जा सकेगा। 
  • One Nation One Fertilizer के अंतर्गत सभी उर्वरक कंपनियों के यूरिया को एक समान डिजाइन किए गए बैग में उपलब्ध कराया जाएगा। 
  • किसानो को सब्सिडी के रूप में प्रदान किए जाने वाले सभी उर्वरक को भारत ब्रांड नाम से ही बेचा जाएगा, इससे उर्वरक की कालाबाजारी और चोरी पर रोक लगेगी।  

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना के तहत महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा पात्रता मानदंड 

केंद्र सरकार द्वारा अभी केवल एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना की घोषणा की गई है, इस योजना के तहत दस्तावेज और पात्रता आदि की जानकारी को सरकार द्वारा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है इस योजना को अक्टूबर माह में लागू किया जाएगा, जब ही इससे सम्बंधित सभी जानकारी महत्वपूर्ण दस्तावेज व पात्रता आदि को भी सरकार द्वारा साझा किया जाएगा। जब केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक किया जाएगा तो हम आपको अपने आर्टिकल के जरिए से जानकारी प्रदान कर देंगे। [यह भी पढ़ें- Agniveer Navy 2023 Registration Online (रजिस्ट्रेशन करें) @www.joinindiannavy.gov.in]

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना के अंतर्गत आवेदन करके लाभ कैसे ले ?

One Nation One Fertilizer को आरंभ करने की घोषणा केंद्र सरकार द्वारा की गई है, सरकार द्वारा बताया गया है कि इस योजना को 2 अक्टूबर 2022 तक देश में लागू कर दिया जाएगा। इसी वजह से अभी इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है जब यह योजना पूरे देश में लागू की जाएगी तभी इस योजना से जुड़ी सभी जानकारी को भी केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाएगा जैसे ही इस योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी को सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाएगा तो हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से अवश्य सूचित कर देंगे। [यह भी पढ़ें- (रजिस्ट्रेशन) ई श्रमिक कार्ड क्या है | E-Shram Card Registration, CSC लॉगिन, eshram.gov.in]

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